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सफ़रनामा - १

गुम सा गया हूं मैं इस भीड़ में हो शामिल जिसमें कल ही ख़ुद की पहचान बनाने निकला था.. मौजूद हूं आज इक कोने में उसी फलक के फिज़ा में जिसकी उड़ान भरने निकला था..!!

इश्क़

मुझे जब भी हुआ है लगा ऐसा की जैसे पहली बार ये हुआ है ..!! कमबख़्त नाकाबिल हैं वो लोग कहते जिन्हें इश्क़ बस एक बार ही हुआ है .. वो अपना सब कुछ दे बैठे या सब कुछ वो ख़ुद का खो बैठे  मालूम नहीं मुझे पर नाकामी उन्ही की है  जिन्हें ये बस एक बार ही हुआ है ... मुझे जब भी हुआ है लगा ऐसा की मानो  पहली बार ही हुआ है .. ना नूर से हुआ है ना हुश्न से हुआ है  जब भी हुआ है मुझे रूह से हुआ है..!! और एक वक़्त पर सिर्फ़ एक से हुआ है..!! हाँ, मुझे जब भी हुआ है  एहसास पहली बार का हुआ है ... “अबकी बार तुमसे मेरे यार ये हुआ है”....!!!

आज फ़िर

कि आज फ़िर तुम्हारा ज़िक्र हुआ थे आये कुछ शागिर्द अपने सवालात लेकर उलझन थी कुछ उनकी उनके हालात को लेकर हम भी ऐ ख़ुदा उन्हें तालीम देने लगे लगा उन्हें कुछ ऐसा की मानो उनकी हर एक ...

A Blog So Awaited...

Bookmark was the start Reason to it Was the Writing Art... Its got some truth It had some pain Its got some love It had some rain So real had she thought No one could feel Apart... and then she came to be “The Fauji Brat”... Plenty have i got to say Plenty have i got to write Just keep it for sometime next As it has been so Night.

झकझोर

हैं झकझोर जातीं मुझको बातें जो न आतीं अक्सर मन में मेरे, ज़हन में मेरे आतीं तब ही जब मैं देखूँ कि गरीब, हाथ है पसारे लाचार, भूख के हैं मारे युवा जो हैं भरे यहाँ पे वो सिर्फ रोजगा...

संभावनाए

है खिल गया जो पुष्प उसे तोड़ना निषेध है क्या निषेध भी वो जीवन जिसमें न कोई क्लेश है...?? है क्लेश वह या है कमी कमी कभी जो मैंने की परिश्रम के तौल माप में प्रयास में या आस में या फिर औ...

कर्म कर

सपने आँख में लिए उम्मीद के जले दिये शून्य भाग्य को तू मानकर चल बढ़ा कदम तू कर्म कर.. जो लक्ष्य मन में तेरा है होना अब वहीँ सवेरा है नींद और थकान तू भूलकर चल बढ़ा कदम तू कर्म कर... संकल्प को तेरे दृढ़ बना स्वयं की एक धुन बना कि एक संघर्ष ही तेरा साथी ये सोचकर चल बढ़ा कदम तू कर्म कर... ये प्रयास की ही बात है सही समय तो सिर्फ आज है डटा रह बस तू यूँ ही जो तेरी निष्ठा तेरे साथ है आज नहीं तो कल मिलेगा लक्ष्य तुझको भी ये सोचकर चल बढ़ा कदम तू कर्म कर... कैसी होनी तेरी है विजय ये न तेरा हो विषय परिश्रम में न कोई हो कमी हो अच्छा तेरा स्वास्थ्य भी बना इसे विषय विचार कर चल बढ़ा कदम तू कर्म कर...!