है खिल गया जो पुष्प उसे तोड़ना निषेध है क्या निषेध भी वो जीवन जिसमें न कोई क्लेश है...?? है क्लेश वह या है कमी कमी कभी जो मैंने की परिश्रम के तौल माप में प्रयास में या आस में या फिर औ...
मुझे जब भी हुआ है लगा ऐसा की जैसे पहली बार ये हुआ है ..!! कमबख़्त नाकाबिल हैं वो लोग कहते जिन्हें इश्क़ बस एक बार ही हुआ है .. वो अपना सब कुछ दे बैठे या सब कुछ वो ख़ुद का खो बैठे मालूम नहीं मुझे पर नाकामी उन्ही की है जिन्हें ये बस एक बार ही हुआ है ... मुझे जब भी हुआ है लगा ऐसा की मानो पहली बार ही हुआ है .. ना नूर से हुआ है ना हुश्न से हुआ है जब भी हुआ है मुझे रूह से हुआ है..!! और एक वक़्त पर सिर्फ़ एक से हुआ है..!! हाँ, मुझे जब भी हुआ है एहसास पहली बार का हुआ है ... “अबकी बार तुमसे मेरे यार ये हुआ है”....!!!
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